वेलेंटाइन के पंछी ----
मेरे प्यारे दोस्तों आपका स्वागत करता हूँ ,और माफ़ी भी चाहता हूँ की आपसे रूबरू होने में काफी वक़्त लगाया।। आओ चलें फिर से गुफ्तगू करें कुछ अपनी कहें कुछ आपकी सुने। ..
14th -फरवरी हे और आज के दिन को वैलेंटाइन के रूप में मनाया जाता हैं जैसा हम सबने पढ़ा और लोगो को मनाते भी देखा हैं और सुना हैं ,
मुझे धुंधला सा याद आता हैं की जब मैं एमएससी फाइनल ईयर में था तो किसी ने मुझसे पूछा था की यार तुझे पता हैं की वैलेंटाइन क्या होता हैं ,,शक मत कीजिये वो मेरा क्लासमेट मुकेश था। सच में ऐसा लगा जैसे किसी हिंदी के प्रोफेसर को बेंजीन या अल्कोहल का फार्मूला पूछ लिया हो। मेने एक अदब से होशियार की तरफ मुकेश को जवाब दिया हाँ पता हैं कल बताऊंगा अभी लैब में जाना हैं कहकर वहां से कल्टी मर ली ,,पीछे से आवाज आयी में भी तो आ रहा हु लैब में वहीँ बता देना। अब क्या करूँ बताऊ उसे की में खुद नहीं जानता हूँ न ही कभी सुना पढ़ा हैं
हकीकत तो यह थी की मेने सोचा था की केमिस्ट्री का कुछ रिएक्शन होगा ,और मुझे नहीं आये ये तो तोहीन जैसा लग रहा था ,एक तो में टोपर और दूसरा कॉलेज का प्रेजिडेंट। इज्जत का सवाल था जनाब। एक प्यारे से शरीफ पढ़ाकू बच्चे जैसे पहुँच गया केमिस्ट्री की प्रोफेसर के चैम्बर के सामने may I come in madam ..हाँ आओ कहो प्रमोद -मैडम आपसे कुछ पूछना था सवाल था। लंबी सांसे भर कर जाना पड़ता था जब भी प्रोफेसर्स से मिलने जाओ वो जमाना भी अजीब था। . पूरी तरह से कॉन्फिडेंट पूछ लिया मैडम से -ये वैलेंटाइन रिएक्शन आर्गेनिक में हे मैडम या इनऑर्गेनिक में। मुझे रिपीट करने को कहा, की मैं क्या पूछना चाह रहा था। थोड़ा जोर लगाके पूछा ताकि मैडम प्रॉपर सुन सके।
कुर्सी ले लो बेटा बैठ जाओ पानी पीओगे मेने गर्दन हिला कर नहीं का संकेत दिया। मैडम अपना काम कर रही थी हम चुपचाप मैडम के सामने बैठे थे ,, मन ही मन सोचने लगे थे की मैडम को भी नहीं आता होगा ,शायद मुकेश के जो भैया बॉम्बे मे पीएचडी कर रहे थे तो उन्होंने ने पूछा होगा मुकेश से की प्रमोद इतना होशियार हे तो ये सवाल पूछना फिर पता लगेगा मोहन लाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में केसी पढाई होती हैं। ढेर सारे विचार आ जा रहे थे।
हाँ क्या पूछ रहे थे मैडम ने पूछा हम ने फिर से सवाल दोहरा दिया। मैडम ने आराम से मुस्कुराते हुए जवाब दिया था बेटा ये आर्गेनिक भी होता हैं और इनऑर्गेनिक भी होता हे,
सभी मित्रों को हैप्पी हैप्पी ,,,आप सब खुश रहें और आपका प्रेम हमेशा अमर रहे ,,,,,,,जिसे भी प्रेम करे सिर्फ प्रेम करें। ..वस्तुओ की तरफ वक़्त के साथ न बदलें ,,,..क्योंकि आत्मा ,प्रेम और ऊर्जा एक समान हे यह कभी नष्ट नहीं होती हैं , बस अपना रूप बदलती हैं ,
कोई पूछ रहा हैं मुझसे मेरी ज़िन्दगी की कीमत
मुझको याद आ रहा हैं, तेरा हल्के से मुस्कुराना